झारखंड

आधार, जिसका अर्थ कई भारतीय भाषाओं में “नींव” होता है। इस शब्द का प्रयोग यूआईडीएआई द्वारा जारी किए गए विशिष्ट पहचान संख्या के लिए किया जाता है। किसी भी नागरिक के पास अपने मूल आधार नंबर के अलावा और कोई डुप्लिकेट नंबर नहीं हो सकती है क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत बॉयोमेट्रिक्स से जुड़ी है; जिससे नकली और छुपे पहचान का पता लगाया जा सकता है क्योंकि इस व्यवस्था में इस तरह की बात आसानी से पकड़ में आ जाती है। आधार आधारित पहचान के माध्यम से सरकार डुप्लिकेट और नकली पहचान को समाप्त कर अन्ययोग्य निवासियों को लाभ पहुचाने में सक्षम बनाती हैं।

आधार के लाभ और फायदे

एक आधार

आधार एक विशिष्ठ प्रकार की संख्या है। नागरिक के पास अपने मूल आधार नंबर के अलावा और कोई डुप्लिकेट नंबर नहीं हो सकती है क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत बॉयोमेट्रिक्स से जुड़ी है; जिससे नकली और छुपे पहचान का पता लगाया जा सकता है क्यूंकि इस व्यवस्था में इस तरह की बात आसानी से पकड़ में आ जाती है। आधार आधारित पहचान के माध्यम से सरकार डुप्लिकेट और नकली पहचान को समाप्त कर अन्य योग्य निवासियों को लाभ पहुचाने में सक्षम बनाती हैं।

पोर्टेबिलिटी

आधार एक यूनिवर्सल संख्या है जिससे कोई एजेंसी और सेवा प्रदान करने वाली कोई भी संस्था लाभार्थी की पहचान की पुष्टि के लिए देश में कहीं से भी केंद्रीय विशिष्ट पहचान डेटा बेस से संपर्क कर सकते हैं। इसमें उन लोगों को भी शामिल किया गया है जिनके पास कोई मौजूदा पहचान दस्तावेज नहीं है। गरीबों और मार्जिनलाइज़ निवासियों को राज्यों के लाभ पहुंचने में एक समस्या यह है कि अक्सर उनके पास पहचान पत्र की कमी होती है। “परिचयकर्ता” प्रणाली, जिसे यूआईडीएआई डेटा सत्यापन के लिए अनुमोदित किया गया है, वह ऐसे नागरिकों को अपनी पहचान स्थापित करने में सहायता करता है।

इलेक्ट्रॉनिक लाभ स्थानान्तरण

यूआईडी सक्षम बैंक –अकाउंट नेटवर्क वर्तमान में लाभांश वितरण के साथ जुड़े भारी लागत के बदले निवासियों को इसके लिए एक सुरक्षित और कम लागत वाला मंच प्रदान करता है, इससे वर्तमान प्रणाली की खामियां समाप्त हो जाएगी।

लाभार्थी को दिए गए हक की पुष्टि के लिए आधार - आधारित प्रमाणीकरण

यूआईडीएआई एजेंसियों को ऑनलाइन प्रमाणीकरण सेवाएं प्रदान करेगी जो किसी निवासी की पहचान की जाँच करना चाहते हैं; यह सेवा वास्तव में अपेक्षित लाभार्थी तक पहुंचने वाले लाभ या हक़ की पुष्टिकरण को सक्षम करेगी। बढ़ी हुई पारदर्शिता के माध्यम से बेहतर सेवाएं, स्पष्ट उत्तरदायित्व और पारदर्शी निगरानी से लाभार्थियों और एजेंसीयों को काफी हद तक लाभ पहुंचेगा और गुणवत्ता में सुधार भी होगा।
स्व-सेवा से निवासियों को नियंत्रण में रखना: आधार का प्रयोग एक प्रमाणी करण तंत्र के रूप में होगा जिससे कि निवासी अपने अधिकार, मांग और अन्य सेवाओं के बारे में, नवीनतम सूचनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा उनकी शिकायतों को उनके मोबाइल फोन, कियोस्क या अन्य तरीकों से सीधे निपटाया जा सकेगा। निवासी के मोबाइल पर स्व-सेवा के मामले में, प्रमाणीकरण के दो-कारक (जैसे निवासी का पंजीकृत मोबाइल नंबर और निवासी के आधार पिन की जानकारी जो उसके हक को साबित करे) के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। यह मानदंड मोबाइल बैंकिंग और भुगतान के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के स्वीकृत मानकों के अनुरूप हैं।

किसी व्यक्ति द्वारा आधार पाने के लिए प्रदान की जाने वाली सूचना

  1. जनसांख्यिकीय जानकारी:
    नाम
    जन्म तिथि
    लिंग
    पता
    माता-पिता / अभिभावक विवरण (बच्चों, वयस्कों के लिए आवश्यक)
    संपर्क विवरण फोन और ईमेल (वैकल्पिक)
  2. बॉयोमीट्रिक जानकारी:
    फोटो
    10 अंगुलियों का निशान
    आँख की पुतली

यूआईडीएआई द्वारा एकत्र किए जाने वाले डाटा फील्ड्स को परिभाषित और सत्यापन प्रक्रिया का अनुपालन करने के लिए श्री एन विठ्ठल की अध्यक्षता में यूआईडीएआई ने डेमोग्राफिक डेटा स्टैंडर्ड्स एंड वेरिफिकेशन प्रोसीजर कमिटी की स्थापना की। डाटा स्टैंडर्ड कमेटी ने 9 दिसंबर, 2009 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। पूरी रिपोर्ट के documents/UID_DDSVP_Committee_Report_v1.0.pdf पर उपलब्ध है। इकट्ठा करने योग्य बॉयोमीट्रिक डेटा की प्रकृति और मानक को परिभाषित करने के लिए यूआईडीएआई ने डॉ बी के गैरोला (महानिदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र) की अध्यक्षता में बॉयोमीट्रिक्स स्टैण्डर्ड कमिटी भी स्थापित की गयी है। बॉयोमीट्रिक्स स्टैण्डर्ड कमिटी की रिपोर्ट 7 जनवरी, 2010 को प्रस्तुत की गई थी और यह documents/Biometrics_Standards_Committee_report.pdf पर उपलब्ध है। पर उपलब्ध है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

1.नामांकित होने के बादमुझे, अपना आधार पत्र प्राप्त करने में कितना समय लगेगा? और मैं अपना आधार पत्र कैसे प्राप्त करूं?

आधार बनने में 90 दिन तक लग सकते हैं। आधार पत्र डाक द्वारा वितरित किया जाता है। आधार बनने के बाद, आपको आपके पंजीकृत मोबाइल पर एक एसएमएस प्राप्त होगा (यदि नामांकन के दौरान मोबाइल नंबर दिया गया है)।

2. आधार का इस्तेमाल किन चीज़ों या बातों में किया जा सकता है? आधार समर्थ कृत अनुप्रयोग क्या हैं? आधार समर्थकृत अनुप्रयोगों के माध्यम से एक निवासी कैसे लाभान्वित हो सकता है?

आधार का मतलब होता है नींव, इसलिए यह वह आधार है जिस पर कोई भी वितरण प्रणाली बनाई जा सकती है। किसी भी प्रणाली में आधार का उपयोग किया जा सकता है जिसमें निवासी की पहचान स्थापित करना/ या सिस्टम द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं/ लाभों को निवासी तक सुरक्षित पहुंचाना है। आधार का उपयोग निम्नलिखित प्रोग्रामों के तहत किया जा सकता है:

  • खाद्य एवं पोषण – सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्य सुरक्षा, मिड डे मील, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम।
  • रोजगार – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, इंदिरा आवास योजना, प्रधान मंत्री रोजगार गारंटी प्रोग्राम
  • शिक्षा – सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार
  • समावेशन और सामाजिक सुरक्षा – जननी सुरक्षा योजना, आदिवासी जनजाति समूह का विकास, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
  • हेल्थकेयर – राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, जनश्री बीमा योजना, आम आदमी बीमा योजना
  • अन्य विविध उद्देश्योंसहितसंपत्ति लेनदेन, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड इत्यादि ।
3. आधार के लिए मैं कहां नामांकित करा सकता हूं?

आपको आधार नामांकन के लिए नामांकन एजेंसी द्वारा स्थापित आधार नामांकन केंद्र पर जाना होगा। आप निकटतम “नामांकन केंद्र का पता लगाएँ” या https://appointments.uidai.gov.in/easearch.aspx पर क्लिक करके भी नामांकन केंद्र खोज सकते हैं। निकटतम नामांकन केंद्र खोजने के लिए आपको राज्य, जिला और इलाके वाले विकल्प पर जाना होगा।

4. आधार नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आपको अपने पहचान से सम्बंधित प्रमाण पत्र (पीओआई) और पते को प्रमाणित करने वाले (पीओए) दस्तावेज़ के साथ नामांकन केंद्र पर उपलब्ध आवेदन फॉर्म को भरना होगा। यूआईडीएआई 18 तरह के पहचान पत्र और 35 प्रकार के पते के प्रमाण से सम्बंधित दस्तावेजों को स्वीकार करता है। कृपया समर्थन दस्तावेजों की राष्ट्रीय स्तर पर वैध सूची के लिए यहां क्लिक करें।

5. क्या मुझे आधार नामांकन के लिए कोई शुल्क देना पडेगा है?

नहीं, आधार नामांकन पूरी तरह से नि: शुल्क है इसलिए आपको नामांकन केंद्र में कुछ भी भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

6. आधार नामांकन के दौरान किस प्रकार का डेटा प्राप्त किया जाता है?

आधार नामांकन के लिए दो प्रकार का डेटा प्राप्त किया जाता है उदाहरण डेमोग्राफिक (नाम, लिंग, जन्मतिथी, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी) और बायोमैट्रिक (10 अंगुलियों के निशान, आईरिस और फोटो)। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी वैकल्पिक हैं I

7. पावती पर्ची / नामांकन पर्ची पर उल्लेखित मेरे जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) विवरण अगर समर्थन दस्तावेजों के साथ मेल नहीं खा रहे हैं तो इसके क्या उपाय हैं?

आप अपने नामांकन के 96 घंटे के भीतर अपना विवरण ठीक करवा सकते हैं। 96 घंटे का समय आपके नामांकन पर्ची / पावती पर्ची पर दर्ज समय से शुरू होती है।

8. नामांकन के बाद मेरा आधार बनने में कितना समय लगेगा?

नामांकन की तारीख से लेकर आधार बनने में 9 0 दिन लगते हैं।

9. आधार के नामांकन के लिए मेरे पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, क्या मैं नामांकन कर सकता हूं?

हां, भले ही किसी परिवार में किसी के सदस्य के पास आवश्यक दस्तावेज न हों, तो भी वह सदस्य नामांकन करवा सकता है अगर उसका नाम परिवार के अधिकार दस्तावेज में दर्ज है। इस मामले में अधिकार दस्तावेज में अंकित परिवार के प्रमुख को पहले वैध पीओआई और पीओए दस्तावेज के साथ नामांकित करवाना होगा और फिर परिवार का अन्य सदस्य परिवार के मुखिया के ईआईडी / आधार के आधार पर नामांकन करवा सकता है। यूआईडीएआई रिश्तों के प्रमाण (पीओआर) के तौर पर 8 प्रकार के दस्तावेज़ को स्वीकार करता है। कृपया दस्तावेजों के राष्ट्रीय स्तर पर वैध सूची के लिए यहां क्लिक करें।

10. क्या राशन कार्ड, नरेगा कार्ड इत्यादि दस्तावेजों को इनमें सूचीबद्ध परिवार के सदस्य के पहचानपत्र / पता के वैध प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार किया जा सकता है? यदि वे अलग-अलग पीओआई या पीओए दस्तावेज नहीं रखते हैं?

हाँ, पारिवारिक पात्रता दस्तावेज को पारिवारिक नामांकन के लिए पहचान / पता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता हैं, जब परिवार के मुखिया जिसका फोटो दस्तावेज पर है वह परिवार के सदस्य की पहचान और पते की पुष्टि करता हो और अधिकृत रजिस्ट्रार दस्तावेज़ के प्रति को एक पावती प्रति के रूप में सत्यापित करता हो।

11. क्या मैं अपनेविवरण आधार में अपडेट कर सकता हूं?

हां, आप कभी भी आधार में अपने विवरण अपडेट कर सकते हैं।

12. आधार विवरण में अपडेशन करने के लिए जरुरी दस्तावेज क्या हैं?

कृपया दस्तावेजों की राष्ट्रीय स्तर पर वैध सूची के लिए यहां क्लिक करें। सूची में पहचान पत्र के लिए 18 प्रमाण (पीओआई), पता के लिए 35 (पीओए), रिश्ते के प्रमाण के लिए 9 (पीओआर) और जन्म के प्रमाण के लिए 9 दस्तावेज हैं।

13. क्या आधार विवरण में अपडेशन कrने के लिए कोई शुल्क है?

हां, आधार में जनसांख्यिकीय या बॉयोमीट्रिक अपडेशनकरने, के लिए आपको 25 / – रुपये का भुगतान सेवा प्रदाता को हर बार करना होगा जब – जब आप अपने विवरण को अपडेट करवायेंगे। आप यूआईडीएआई अनुमोदित शुल्क संरचना के लिए uidai.gov.in में विभिन्न यूआईडीएआई सेवाओं के लिए शुल्क” पर भी क्लिक कर सकते हैं।

14. मैं अपने विवरण को आधार में कैसे अपडेट कर सकता हूं?

आपका विवरण अपडेट करने के 3 अलग-अलग तरीके हैं: –

  • स्थायी नामांकन केंद्र पर जाकर: Uidai.gov.in पर “नामांकन केंद्र खोजें” पर क्लिक करके निकटतम नामांकन केंद्र खोजें।
  • सेल्फ सर्विस अपडेट पोर्टल (एसएसयूपी) ऑनलाइन का उपयोग करेUidai.gov.in पर “अपडेट आधार डिटेल्स (ऑनलाइन)” पर क्लिक करें।
  • डाक के माध्यम से, यूआईडीएआई को भेजे जाने वाले स्वयं-प्रमाणित सहायक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र। Uidai.gov.in पर “अपडेट रिक्वेस्ट बाय पोस्ट” पर क्लिक करें।
15. मैं अपडेशन कराने के लिए स्थायी नामांकन केंद्र पर जा रहा हूं, तो मुझे अपडेशन से संबंधित किस प्रकार की जानकारी मिल सकती है?

यदि आप स्थायी एनरोलमैंट सेंटर पर जा रहे हैं, तो आप जनसांख्यिकी (नाम, पता, डीओबी, लिंग, मोबाइल और ईमेल) और बॉयोमेट्रिक्स (फिंगर प्रिंट्स, आईरिस और फोटो) दोनों प्राप्त कर सकते हैं।

16. क्या मुझे अपडेशन कराने के लिए उसी नामांकन केंद्र पर जाने की आवश्यकता है जहां मेरा मूलरूप से नामांकन किया गया था?

नहीं, आप अपडेशन के लिए किसी भी स्थायी नामांकन केंद्र पर जा सकते हैं।

17. यूआईडीएआई में शिकायत निवारण माध्यम कौन-कौन से हैं ?

आधार नामांकन, अपडेशन और अन्य सेवाओं से संबंधित प्रश्नों और शिकायतों को निपटाने के लिए यूआईडीएआई ने एक संपर्क केंद्र की स्थापना की है। नामांकन केंद्र में, नामांकन ऑपरेटर नामांकन प्रक्रिया के बाद एक प्रिन्टिड स्वीकृति पर्ची देता है जिसमें ईआईडी (नामांकन संख्या) शामिल होता है। ईआईडी का उपयोग करके एक निवासी निम्नलिखित चैनलों पर यूआईडीएआई संपर्क केंद्र से संपर्क कर सकता है।

संपर्क केंद्र विवरण

  • वॉयस – 1 9 47
  • ईमेल – help@uidai.gov.in

ज़ीड़ेंट पोर्टल – शिकायत दर्ज करें
उपरोक्त के अलावा, शिकायतों को निम्नलिखित चैनल के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है:

  • डाक द्वारा: शिकायतों को यूआईडीएआई मुख्यालय और आरओ में डाक / प्रिंटेड कॉपी के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है। शिकायतों की जांच की जाती है और उसके बाद सहायक महानिदेशक, जो कि यूआईडीएआई में लोक शिकायत अधिकारी है, की स्वीकृति के बाद मुख्यालय में संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / संबंधित विभाग को भेजा जाता है। संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / संबंधित विभाग शिकायतकर्ता को सीधे शिकायत सेल, यूआईडीएआई, मुख्यालय को सूचित करके शिकायत का निपटारा करता है। अंतरिम जवाब, यदि आवश्यक हो, तो संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / मुख्यालय केसंबंधित अनुभाग द्वारा दिया जाता है।

 

  • भारत सरकार के लोक शिकायत पोर्टल के माध्यम से:पीजी पोर्टल pgportal.gov.in के माध्यम से यूआईडीएआई में शिकायत दर्ज की जा सकती है।शिकायतों की जांच की जाती है और फिर सहायक महानिदेशक, जो कि यूआईडीएआई में लोक शिकायत अधिकारी है, की स्वीकृति के बाद मुख्यालय में संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / संबंधित विभाग को ऑनलाइन भेजा जाता है। संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / संबंधित विभाग ऑनलाइन शिकायत का निपटारा करता है। अंतरिम जवाब, यदि आवश्यक हो, तो संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय / मुख्यालय के संबंधित अनुभाग द्वारा दिया जाता है।

राशन कार्ड क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों होती है?

उचित दर की दुकानों से आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गतराशन कार्ड राज्य सरकार के आदेश या प्राधिकरण के तहत जारी किया गए एक दस्तावेज है। राज्य सरकार गरीबी रेखा से ऊपर, गरीबी रेखा से नीचे और अंत्योदय परिवारों के लिए विशिष्ट राशन कार्ड जारी करती है और राशन कार्ड की समय – समय पर समीक्षा और जांच करती है।

 

भारतीय नागरिकों के लिए एक राशन कार्ड एक बहुत उपयोगी दस्तावेज है। इससे सब्सिडी दर से आवश्यक वस्तुओं की खरीद करके पैसे बचाये जा सकते हैं। वर्तमान मे यह पहचान पत्र का एक महत्वपूर्ण जरिया भी बन गया है। मतदाता सूची इत्यादि में अपने नाम को शामिल करने के लिए, डोमिस्लाइज सर्टिफिकेट जैसे अन्य दस्तावेजों के लिए आवेदन करते समय आप पहचान के प्रमाण के रूप में अपने राशन कार्ड की एक प्रति भी लगा सकते है।

 

गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार नीले कार्ड के हकदार हैं, जिसके तहत वे विशेष सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। स्थायी राशन कार्ड के अलावा, राज्य अस्थायी राशन कार्ड भी जारी करते हैं, जो कि कुछ निर्दिष्ट महीनों के लिए मान्य होता हैं और जिसे राहत उद्देश्यों के लिए जारी किए जाता हैं।

राशन कार्ड प्राप्त करने के लिए आपको क्या करना चाहिए

आप किसी भी सर्कल कार्यालय से एक नया उपभोक्ता (राशन) कार्ड बनाने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आपके परिवार के मुखिया के पास पोर्ट आकार के फोटो की आवश्यकता होगी जिसका सत्यापन कोई राजपत्रित अधिकारी / विधायक / एमपी / नगर पालिका काउंसलर द्वारा, होना चाहिए। साथ में निवास प्रमाण और पिछले राशन कार्ड के समर्पण / विलोपन का प्रमाणपत्र यदि कोई है तो।

यदि आप निवास का कोई प्रमाण प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं, तो सर्किल एफएसओ आपके पड़ोस में दो स्वतंत्र गवाहों के बयानों को रिकॉर्ड करके आपके निवास स्थान के बारे में पूछताछ करेंगे। राशन कार्ड बनने के लिए मानक निर्धारित समय आमतौर पर 15 दिन है। हालांकि, अलग –अलग राज्यों में यह प्रक्रिया और समय सीमा भिन्न हो सकती है।

राशन कार्ड के प्रकार

अंत्योदय राशन कार्ड: इस प्रकार का राशन कार्ड को सबसे अधिक गरीब परिवारों को जारी किया जाता है जिनके पास कोई स्थिर आय नहीं है। इस श्रेणी में वृद्ध पुरुषों, महिलायें, बेरोजगार और मजदूर आते हैं।

 

बीपीएल राशन कार्ड: गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों को इस प्रकार के राशन कार्ड जारी किया जाता हैं। भारत में, आप बीपीएल सूची पर तभी शामिल होंगे यदि आपकी वार्षिक आय 27,000 रुपये या उससे कम है

 

एपीएल राशन कार्ड: एपीएल राशन कार्ड राज्य सरकार द्वारा परिभाषित गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले लोगों को जारी किया गया है। इस राशन कार्ड के लिए कोई भी आवेदन कर सकता है और इस श्रेणी के तहत कोई वार्षिक आय सीमा नहीं है

रंग के अनुसार राशन कार्ड

नीला / गुलाबी / लाल राशन कार्ड: राज्य में गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को नीला राशन कार्ड जारी किए जाते हैं। इन नीले राशन कार्ड धारकों को विशेष सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस कार्ड को सब्सिडी दर पर राशन की दुकानों से केरोसीन लेने के लिए उपयोग किया जाता है। ऐसे परिवार जिनके पास गैस / एलपीजी कनेक्शन नहीं है, वे नीले राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

 

ऑरेंज राशन कार्ड: ऑरेंज रंग का राशन कार्ड उन लोगों को जारी किए जाता हैं जो गरीबी रेखा से ऊपर रहते हैं। वार्षिक आय राज्य द्वारा अलग – अलग हो सकती है

 

पीला राशन कार्ड: गरीबी रेखा के नीचे की श्रेणी में लोग पीले राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक राज्य में गरीबी रेखा के लिए निर्धारित वार्षिक आय अलग- अलग हो सकती है
विभिन्न राज्य बीपीएल और एपीएल के लिए अलग-अलग रंगों का उपयोग कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज़

  • आपके परिवार के प्रमुख का पासपोर्ट – आकार का एक फोटो जो कि राजपत्रित अधिकारी / विधायक / एमपी / नगर पार्षद द्वारा सत्यापित हो।
  • पता का प्रमाण (कोई भी एक): मतदाता पहचान पत्र, वर्तमान का बिजली या पानी का बिल, इसी वर्ष भरा हुआ प्रॉपर्टीज टैक्स, एलपीजी कनेक्शन जिस पर परिवार के प्रमुख का नाम होना जरुरी है, पैन कार्ड, पासपोर्ट,
  • जन्म का प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र या कक्षा 10 का प्रमाणपत्र
  • समय अवधि: जमा करने की तारीख के 15 दिन में।
  • रंगीन कोड: एपीएल-गुलाबी,बीपीएल- हरा अंत्योदय परिवार- पीला।

राशन कार्ड प्रक्रिया

  • ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रधान या ब्लॉक सप्लायर ऑफिसर, शहरी क्षेत्र में सहायक जिला आपूर्ति अधिकारी / मार्केटिंग अधिकारी, शहरी झुग्गी झोपड़ी इलाक़ों में मार्केटिंग अधिकारी, राशनिंग क्षेत्र में राशनिंग अफसर या मार्केटिंग अधिकारी के पास राशनकार्ड प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया जा सकता है।
  • खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले, झारखंड सरकार के संबंधित विभाग है।
  • आवेदक राशनकार्ड जारी करने के लिए जरुरी दस्तावेज के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर के आपूर्ति अधिकारियों और शहरी क्षेत्रों में उप-विभागीय / जिलास्तर के आपूर्ति अधिकारी को अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
  • आवेदक को आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद एक पावती प्रति दी जायेगी और एक तारीख बतायी जायेगी जिस दिन आवेदक अपना राशनकार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

 

  • जांच अधिकारी आवेदन पत्र में दिए सदस्य, इत्यादि के बारे में अन्य जानकारी भी सत्यापित करेगा। अगर सब कुछ क्रम में मिल जाए, तो राशन कार्ड जारी किया जाएगा यदि किसी कारण से आवेदन खारिज कर दिया गया तो दी गई तारीख को आवेदक को इसके बारे में आवेदक को कारण सहित जानकारी दी जायेगी
  • बीपीएल परिवारों से संबंधित कार्ड के लिए आवेदन पहले ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। ग्राम सभा की सिफारिश पर आवेदन संबंधित अधिकारी को भेजा जाएगा जो आवेदन की विषय-वस्तु  की पुष्टि करेगा। तब सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के तहत बीपीएल राशन कार्ड जारी किया जाएगा।
  • किसी भी परिवार के सदस्य की मृत्यु और संघशासित प्रदेश से किसी सदस्य की तीन महीने से ज़्यादा प्रवास की स्थिति में व्यक्ति का नाम राशन कार्ड से हटा दिया जायेगा।
  • किसी भी श्रेणी के राशन कार्ड के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा ।

किसी भी शिकायत के मामले में, उपभोक्ता संपर्क कर सकते हैं:

टीयर I: उचित मूल्य की दुकान के मालिक से

 

टीयर II: जिला के खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी या राज्य / संघ शासित प्रदेशों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग

 

टीयर III: उपभोक्ता मंच

 

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन- 1800-11-4000

मतदाता पहचान पत्र या निर्वाचन कर्ता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया गया एक पहचान पत्र है जिससे सभी योग्य मतदाताओं का चुनाव के दिन पहचान हो पाता है। वे सभी जो मतदाताओं के रूप में नामांकित हैं वे मतदाता कार्ड जारी किए जाने के योग्य हैं।

मतदाता पहचान पत्र चुनाव में भाग लेने के लिए प्रत्येक नागरिक के पहचान का प्रमाण है। हालांकि, सिर्फ मतदाता पहचान पत्र मतदान के अधिकार सुनिश्चित नहीं करता है, मतदान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पंजीकृत मतदाताओं की सूची में अपना नाम खोजना है। यह नागरिकों को पहचान प्रदान करने के लिए एक उपयोगी माध्यम है।

मतदाता कौन बन सकता है?

1) भारत का नागरिक हो

2) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु

3) किसी भी भारतीय राज्य का आम निवासी। इसमें विश्वविद्यालय, संस्थान इत्यादि के छात्र भी शामिल है।

4) मतदाता के लिए अयोग्य नहीं है। जैसे मानसिक रूप से अस्वस्थ इत्यादि।

मैं मतदाता के रूप में कैसे पंजीकरण करूं और अपना मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करूं?

एक मतदाता बनने के लिए आपको आवेदन फॉर्म भरने की आवश्यकता है। फॉर्म स्वीकृत होने के बाद आपका नाम मतदाता सूची में मतदाता के रूप में शामिल कर लिया जाएगा। फॉर्म 6 भरने के लिए चार विकल्प नीचे दिए गए हैं, जिन का पालन आपको फार्म भरते समय करना है।

विकल्प I – ऑनलाइन आवेदन

चरण I – ऑनलाइन होम पेज पर जाकर पंजीकरण कराएं

चरण II – यदि आप एक नए यूजर हैं, तो कृपया साइन अप करें, आपको एक यूजर नाम और पासवर्ड मिलेगा।

चरण III – फॉर्म में उल्लिखित स्थान में एक पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो अपलोड करें। यह अनिवार्य है।

चरण IV – फॉर्म में उल्लिखित स्थान में निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करें। अपलोड करना वैकल्पिक है।

यदि आप नीचे दिए गए दस्तावेज़ों को अपलोड करने में असमर्थ हैं तो बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) जानकारी सत्यापित करने के लिए आपके निवास पर आएंगे, और आप से दोनों दस्तावेज़ लेकर एकत्रित करेंगे, इसलिए कृपया अपने दस्तावेज तैयार रखें।

ए) आपके निवास का प्रमाण (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, आपके पते पर आपके नाम से प्राप्त कोई भी डाक पत्र आदि)।

यदि आप किसी विश्वविद्यालय / संस्थान या किसी अन्य जगह (जैसे पीजी) इत्यादि के छात्रावास में रहने वाले छात्र हैं, तो कृपया फॉर्म 6 के सनग्लानिका 1 में दिए गए जगह पर इसके बारे में घोषित करें। आप स्कैन की गई प्रति भी अपलोड कर सकते हैं।

बी) उम्र का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र इत्यादि। यह उस स्थिति में हीजरुरी है यदि आप 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच है।

विकल्प II – वेबसाइट से लोड फॉर्म 6 करें और डाक द्वारा इसे भेजें।

चरण Iफॉर्मके लिए होम पेज के सबसे ऊपर जाएं।

चरण II– आपको कई विकल्प मिलेंगे, फार्म 6 पर क्लिक करें: पहली बार नए मतदाता के रूप में शामिल होने के लिए आवेदन।

चरण III – फॉर्म डाउनलोड करें, इसे भरें, और दिए गए स्थान पर एक पासपोर्ट आकार की फोटो लगायें।

चरण 4 – फॉर्म पर हस्ताक्षर करें और निम्नलिखित संलगित करें:

ए) आपके निवास की प्रमाण के लिए, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, आपके पते प्राप्त कोई डाक पत्र इत्यादि।

बी) अगर आपकी उम्र 18 से 21 वर्ष के बीच है तो उम्र के प्रमाण के लिए ( जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र इत्यादि)

चरण 5 – आपके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के वीआरईसी (मतदाता पंजीकरण और ईपीआईसी केंद्र) पर डाक द्वारा दस्तावेजों को भेजें। आपके विधानसभा क्षेत्र के वीआरईसी की पहचान करने की प्रक्रिया नीचे दिए गए प्रश्न संख्या 3 के उत्तर में दी गई है।

विकल्प III – वेबसाइट से फॉर्म 6 डाउनलोड करे और इसे व्यक्तिगत रूप से जमा करवाएंI

चरण Iफॉर्म के लिए होम पेज के सबसे ऊपर जाएं

 

चरण II – आपको कई विकल्प मिलेंगे, फॉर्म 6 पर क्लिक करें: पहली बार एक नए मतदाता के रूप में शामिल करने के लिए आवेदन।

 

चरण III – फॉर्म डाउनलोड करें, इसे भरें, और दिए गए स्थान पर एक पासपोर्ट आकार की फोटो लगायें।

 

चरण 4 – फॉर्म पर हस्ताक्षर करें व निम्नलिखित संलगित करें:

ए) आपके निवास का प्रमाण, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, आपके पते पर प्राप्त कोई डाक पत्र इत्यादि।

बी) यदि आप 18 से 21 साल की उम्र के बीच है तो आपकी उम्र का प्रमाण पत्र (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र इत्यादि)

 

चरण 5 – आप निम्न में से किसी एक जगह पर अपना फ़ॉर्म और दस्तावेज जमा करवा सकते है:

ए) आपके विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रका वीआरईसी। अपने वीआरईसी को जानने के लिए, कृपया नीचे दिए गए प्रश्न संख्या 3 का उत्तर देखें। यह सुविधा पूरे वर्ष उपलब्ध है।

बी) आप निकटतम नामित स्थान पर जा सकते हैं और वहां यह जमा करवा सकते हैं। अपने निकटतम नामित स्थान के विवरण के लिए कृपया नीचे दिए गए प्रश्न संख्या 4 का उत्तर देखें। यह विकल्प केवल 01.10.2011 से 01.11.2011 के दौरान मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन के दौरान उपलब्ध है।

सी) आप अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को दस्तावेज दे सकते हैं। अपने बीएलओ को जानने के लिए, कृपया नीचे दिए गए प्रश्न संख्या 5 का उत्तर देखें। यह विकल्प केवल 01.10.2011 से 01.11.2011 के दौरान मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन के दौरान उपलब्ध है।

विकल्प IV – व्यक्तिगत रूप से फॉर्म 6 जमा करवाएं या भेजे।

चरण I – आप अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के वीआरईसी, या निकटतम निर्दिष्ट स्थान या aपने बीएलओ पर जा सकते हैं। आप फार्म 6 में अपने निवास और उम्र (यदि आप 18 और 21 के बीच हैं) के प्रमाण पत्र को संलग्न करें और निम्न में से कहीं भी जमा करवा दें:

i) आपका वीआरईसी
ii) निकटतम प्राधिकृत स्थान।
iii) आपका बीएलओ
iv) पोस्ट द्वारा आपका वीआरईसी

 

नामित स्थान और बीएलओ में फॉर्म जमा करने और वितरित करने की सुविधा केवल चुनावी रोल के विशेष सारांश संशोधन के दौरान उपलब्ध है, जो 01.10.2011 से 01.11.2011 है।

मैं पहले से ही एक मतदाता के रूप में नामांकित हूं, लेकिन मैंने अपना निवास बदल लिया है और अब मेरे पास एक नया पता है। अब मुझे क्या करने की जरूरत है?

यदि आप पहले ही एक मतदाता के रूप में नामांकित हैं और अपने अपना पता स्थानांतरित कर लिया है, तो आपके नए पते की नामांकन की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या आप उसी विधानसभा क्षेत्र में रह रहे हैं या आपका नया आवास नए विधानसभा क्षेत्र में है।

क) यदि आपका नया निवास एक अलग विधानसभा क्षेत्र में है तो आपको फॉर्म 6 भरना होगा। इसे आप या तो ऑनलाइन भर या व्यक्तिगत रूप से या डाक द्वारा भी भेज सकते हैं।

आपको सिर्फ एक ही दस्तावेज़ जमा करने होंगे और वो है आपके नए आवास का प्रमाण पत्र जैसे कि बिजली के बिल इत्यादि। इसके अलावा आपको कोई अन्य दस्तावेज जमा करना आवश्यक नहीं है।

बी) यदि आपका नया आवास एक ही विधानसभा क्षेत्र में है तो आपको फॉर्म 8 ए भरना होगा।

इसके लिए आप या तो ऑनलाइन भर सकते हैं या इसे व्यक्तिगत रूप जमा करवा सकते है या पोस्ट द्वारा भेज सकते हैं

 

एकमात्र दस्तावेज़ जिसे आपको संलग्न करना आवश्यक है, जो आपके नए आवास को प्रमाणित करे। जैसे कि बिजली बिल इत्यादि। इसके अलावा आपको किसी अन्य दस्तावेज़ को जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

आयु के प्रमाण के लिए मुझे कौन से दस्तावेज़ों जमा करवाने की आवश्यकता है?

आयु प्रमाण के लिए कई दस्तावेज़ सुझाए गए हैं, आप निम्न में से किसी एक का चयन कर सकते हैं: –

ए) नगर पालिका प्राधिकरण या जिला के जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र या  Baptism certificate.  

बी) जन्म प्रमाण पत्र (सरकारी / मान्यता प्राप्त) स्कूल या किसी अन्य मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था द्वारा जिसे आवेदक सबसे अंतिम बार उपस्थित हुआ हो;या

सी) यदि कोई व्यक्ति 10 या उससे अधिक कक्षाएं उत्तीर्ण है, तो उसे कक्षा 10 या 12 की अंक तालिका की एक प्रति देनी होगी, यदि उसमें जन्मतिथि अंकित है, जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर।

डी) कक्षा 8 की मार्क शीट अगर इसमें जन्म की तारीख है; या

ई) कक्षा 5 की मार्क शीट अगर इसमें जन्म की तारीख है; या

एफ) माता पिता में से किसी एक का अनुबंध 1 में दिए गए निर्धारित प्रारूप में एक घोषणा यदि आवेदक 10 वीं कक्षा तक शिक्षित नहीं है।(उन मामलों में जहां माता-पिता स्वयं बीएलओ / ईआरओ / एरो से पहले सत्यापित हैं);

या

जी) संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच या संबंधित नगर निगम / नगरपालिका समिति के किसी सदस्य द्वारा दिया गया उम्र का प्रमाण पत्र, यदि व्यक्ति 10 वीं कक्षा तक शिक्षित नहीं है और माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं।

एच) किसी भी सरकारी दस्तावेज के ज़रिये आयु का प्रमाण दिया जा सकता है उदाहरण जैसे पासपोर्ट।

निवास के प्रमाण के रूप में मुझे कौन से दस्तावेज़ों प्रस्तुत करने की आवश्यकता है?

आपके निवास स्थान को साबित करने के लिए कई दस्तावेज़ हैं इनमें से आप किसी एक का चयन कर सकते हैं: –


ए) बैंक / किसान / डाकघर की वर्तमान पासबुक,या


बी) आवेदक का राशन कार्ड / पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस / आयकर रिटर्न दर्ज या आकलन आदेश, या


सी) पता के लिए नवीनतम पानी / टेलीफोन / बिजली / गैस कनेक्शन बिल, जिस पर आवेदक का नाम  या उसके माता-पिता का नाम हो। या


डी) डाक विभाग द्वारा प्राप्त / भेजे  डाक पर आवेदक का नाम दर्ज हो।

यदि किसी व्यक्ति के पास कोई प्रमाण नहीं है (आयु, फोटो, पता, पहचान) तो वह एक मतदाता कैसे बन सकता है?

व्यक्ति मतदाता बन सकता है, बशर्ते वह उक्त पते का आम निवासी हो और उस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र से अधिक हो व उसे मतदाता बनने के लिए अयोग्य घोषित नहीं किया गया है। ईसीआई के निर्देशों के अनुसार, 18-21 वर्ष आयु वर्ग के बीच के मामले में आवेदकों के आयु प्रमाण की आवश्यकता होती है। आवेदक आवेदन फॉर्म पर फोटो चिपका कर जमा करवाये या मतदाता केंद्र पर अपना फोटो खिचवाएं। यदि आवेदक के पास निवास / पहचान का कोई सबूत नहीं है,  तो सत्यापन अधिकारी अर्थात बीएलओ आस-पड़ोस के निवासियों को गवाह के तौर पर आवेदक की पहचान और निवास निर्धारित करने के लिए उनसे पूछताछ कर सकते हैं   

मुझे अपना मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) मिला गया है। हालांकि, इस कार्ड में एक गलती है। मैं इसे कैसे सही कर सकता हूँ?

ऐसी गलतियों आमतौर पर आयु, नाम और पता इत्यादि के सन्दर्भ में होती हैं:

(ए) कृपया सही जानकारी के प्रमाण के साथ फॉर्म -8 भरें। उदाहरण के लिए, सही उम्र के लिए, कृपया विद्यालय बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रमाणपत्र जैसे उम्र का प्रमाणपत्र संलगित करें। सही निवास का पता के लिए, कृपया निवास से सम्बंधित कोई दस्तावेज इत्यादि दें।

(बी) यदि चुनाव अधिकारी के एक भूल की वजह से गलती हुई है तो मुफ्त में सुधार किया जाएगा। यदि आप गलती के स्वयं जिम्मेवार हैं किसी भी जगह पर गलत जानकारी दर्ज कर रहे हैं, तो आपको सही मतदान पहचान पत्र (ईपीआईसी) प्राप्त करने के लिए अपने वीआरईसी में 25 / – रुपये नकद भुगतान करना होगा। कृपया दिए गए पैसे की रसीद लेना जरूर याद रखें।

आरएसबीवाई की शुरूआत 2008 की शुरुआत में हुई थी और आरम्भ में इसमें केवल गरीबी रेखा (बीपीएल) वाले परिवारों को शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इसको विस्तारित किया गया और इसमे असंगठित श्रमिकों की श्रेणियों को भी शामिल किया गया:

  • गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार (राज्य सरकारें सभी जिलों से बीपीएल सूची तैयार करती हैं)
  • कल्याण बोर्डों के साथ पंजीकृत भवन और अन्य निर्माण श्रमिक
  • मनरेगा के कार्यकर्ता जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में 15 से अधिक दिनों तक काम किया है
  • रेलवे क़ुली जिनके पास लाइसेंस है
  • पुटपाथ विक्रेता
  • बीड़ी कामगार

  • घरेलू श्रमिक
  • सफाई कर्मचारी
  • खदानमजदूर
  • रिक्शा खीचने वाले
  • कचरा बीनने वाले
  • टैक्सी / ऑटो ड्राइवर

आरएसबीवाई के दो तरफा लक्ष्य:
1. आपात पूर्ण स्थिति में स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना।
2. गरीबी रेखा से नीचे और अन्य सशंकित असंगठित क्षेत्र के समूह से जुड़े लोगों को अस्पताल में भर्ती और उत्तम स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना और जिससे कि उनकी जेब पर पड़ने वाला खर्च कम हो सकें।

प्रक्रिया

  • इस स्कीम के लिए योग्य परिवार को उन नामांकन स्टेशनों पर जाना होगा जिसे विभिन्न स्थानीय केंद्र पर स्थापित किया गया हैं। जैसे प्रत्येक गांव के सरकारी स्कूल।

जिला स्तर के अधिकारियों की मदद से बीमा कंपनी द्वारा प्रत्येक गांव के लिए एक निर्धारित तारीख के साथ एक नामांकन सारणी तैयार की जाती है। समय-सारणी के अनुसार, बीपीएल सूची नामांकन से पहले प्रत्येक गांव में नामांकन केंद्र और मुख्य स्थानों पर चिपकाए जाते हैं, जो गांव में नामांकन की तिथि और स्थान के बारे में लोगों को सूचना प्रदान करती है

  • अधिकृत आधिकारिक द्वारा परिवार की पहचान की पुष्टि की जाती है।
  • नामांकन केंद्र में आवेदक को घर के मुखिया का एक फोटो, परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ फोटो व परिवार के पांचो सदस्यों का नामांकन केंद्र पर अंगुलियों के निशान प्रदान करने होंगे।
  • लाभार्थी परिवार को बॉयोमेट्रिक स्मार्ट कार्ड जारी कर दिया जाता है।
  • पंजीकरण शुल्क 30 रुपये हैं।

विशेषताएं

  • आरएसबीवाई में एक परिवार के पांच सदस्य तक हो सकते हैं – परिवार का मुखिया, पति या पत्नी और 3 आश्रित।
  • यदि लाभार्थी को उसकी बीमारी में अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है तो वह 30,000 रुपये तक का हकदार होगा।
  • मिलने वाला लाभ वर्णित बीमारी पैकेज सूची का भाग होताहै।
  • परिवहन का खर्च 100 रुपये / हर एक बार अस्पताल में भर्ती के लिए लाभार्थी को दिया जायेगा और अधिकतम ये राशि एक वर्ष में प्रति परिवार 1000 रुपये / तक ही दिया जाएगा।
  • एक लाभार्थी जिसे किसी विशेष जिले में नामांकित किया गया है वह भारत में किसी भी आरएसबीवाई पैनल के अस्पताल में अपने स्मार्ट कार्ड का उपयोग कर सकेगा।
  • प्रवासी श्रमिकों के लिए कार्ड को प्रतिव्यक्ति अलग-अलग कवरेज के हिसाब से भी विभाजित किया जा सकता हैं।
  • राज्य सरकार द्वारा प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर चयनित बीमाकर्ता को केन्द्र और राज्य सरकार अपनी साझेदारी अनुपात के अनुसार प्रीमियम का भुगतान करती हैं।
  • राज्य सरकार ने एक स्टेट नोडल एजेंसी (एसएनए) स्थापित किया है जो बीमा कंपनी, अस्पताल, जिला प्राधिकरणों और अन्य स्थानीय हित धारकों के साथ समन्वय करके इस स्कीम को लागू, पर्यवेक्षण और अंशतः वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है।

 

  • प्रतिस्पर्धात्मक सार्वजनिक बोली प्रक्रिया के माध्यम से राज्य सरकार बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) द्वारा स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने के लिए लाइसेंसी कृत, या किसी और केंद्रीय कानून द्वारा अधिकृत एक सार्वजनिक या निजी बीमा कंपनी का चयन करती है
  • बीमा कंपनी का चयन करने के बाद, उन्हें नजदीकी जिलें के निजी और सार्वजनिक दोनों स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने वालों को सूचीबद्ध करना होगा।
  • बीमाकर्ता की जिम्मेदारी हैकि वो जिलों में पर्याप्त अस्पतालों को सूची में शामिल करे ताकि लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी की यात्रा न करनी पड़े।
  • सार्वजनिक अस्पतालों को पैनल की सूची में शामिल करने के लिए, बीमा कंपनी को राज्य के विशिष्ट स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करना होगा।
  • नामांकन के समय बीमा कंपनियों को आरएसबीवाई पैनलों के अस्पताल की सूची लाभार्थी को अवश्य देना होगा।